- एक हमें आवारा कहना कोई बड़ा इल्जाम नहीं दुनियावाले, दिलवालों को और बहुत कुछ कहते हैं - हबीब जालब सहरा में मेरे हाल पे कोई भी न रोया बस फूट के रोया तो मेरे पांव का छाला - नजीर अकबराबादी इस जिंदगी में और मुसीबत कोई नहीं खुद जिंदगी हुई है मुसीबत कभी-कभी